हमेसा दूर की सोच रखे प्रेरणादायक कहानी

                                         संदीप ओर हार्दिक 

 

 1) बहुत समय पहले की बात है एक गाव था जिसमे दो भाई रहते थे जिसका नाम था हार्दिक ओर संदीप ..... 

अब वो बड़े हो चुके है एक दिन दोनो बात कर रहे थे भाई हम बड़े हो चुके है कुछ काम धंधा तो ढूँढना पड़ेगा, चलो कुछ करते है उसका भाई बोलता है एकदम सही बात है, फिर वो बहुत सी जगह पर काम ढूंढते है लेकिन उन्हे काम नहीं मिलता है, अब इसमे होता क्या है....जो बड़ा भाई है वो शरीर मे एकदम हट्टा कट्टा होता है लेकिन छोटा भाई दिमाग वाला होता है हार्दिक कहता है संदीप से भाई हम दुनिया भर मे काम के लिए भटक रहे है लेकिन हम अपने गाव मे ही काम सुरू कर सकते है संदीप बोलता है वो केसे... ? फिर हार्दिक बोलता है भईया एसा है की आपको पता है हमारे यहा पानी की कितनी बड़ी समस्या है,

लोगो को पानी लेने के लिए पूरा पहाड़ चड़ के जाना पड़ता है उसमे लोग बहुत थक जाते है, तो मेरे दिमाग मे एक तरकीब है के हम लोगो के लिए  पानी लेके आएंगे जिसके बदले मे लोग हमे पेसे देंगे, उसके बड़े भाई को भी ये तरकीब अच्छी लगती है ओर वो दोनों ये काम करना सुरू कर देते है, अब हुआ क्या बड़ा भाई तो हट्टा कट्टा था लेकिन छोटा भाई सरीर मे इतना जाता हट्टा कट्टा नहीं था इसलिए वो जल्दी थक जाता था ये काम से, हार्दिक को समझ आ गया था के इसमे लंबे समय तक पैसा नहीं कमाया जा सकता क्यूकी समय जेसे-जेसे आगे बढ़ेगा हमारा शरीर कमजोर होता जाएगा  ओर इस तरह से जादा पैसे हम नहीं कमा पाएंगे 

अब हार्दिक सोचता है क्यू न मे पहाड़ पे जो नदी है वह से लेकर गाव तक एक बड़ी सी पइपलाइन खेच लेता हु ओर फिर लोग जिस हिसाब से पानी लेके जाया करेंगे उस हिसाब से मे पैसा लिया करूँगा, ये बात हार्दिक ने संदीप को बताई संदीप बोलता है इसमे तो बहुत ज्यादा महनत है फ़िलाल जो मे करता हु मे वही करूंगा एसा कहकर वो मना कर देता है, फिर क्या हार्दिक अकेला इस काम को अंजाम देने के लिए सुरू हो जाता है वो दिन मे पानी भर के लोगो को देता ओर रात को पाइपलइन का काम करता इस तरह से काम करता देख लोग उसकी बहुत ही हसी उड़ाया करते थे कहते थे रहने दे भाई इससे कुछ नहीं होने वाला , लेकिन फिर भी लगा रहता इस काम मे अब होता क्या है संदीप लोगो को पानी भरके देता ओर पेसे लेता इससे उसने बहुत सा पैसा कमा लिया था एक घर, बकरी , भेस इत्यादि लेकिन उसका भाई हार्दिक अभी भी उसी काम मे लगा हुआ था वो पाइपलाइन बना रहा लोग हसते रहते ओर वो काम करता रहता, अब काफी समय निकाल गया था वो दोनों की उम्र भी हो गई थी हार्दिक का भाई संदीप उसने तो काफी पैसा कमा लिया था लेकिन जादा काम करने के साथ संदीप का सरीर ओर भी ज्यादा कमजोर को गया था, अब वो उस तराहा से महनत नहीं कर सकता था साथ ही साथ उसे बीमारिया भी काफी लग गयी थी .... 


अब हार्दिक की बात करे कुछ समय मे उसने पइपलाइन का काम पूरा कर लिया था, ओर अब उसे कोई महनत करने की भी जरूरत नहीं पड़ती थी वो सिर्फ जिसको जितना पानी चाहिए उस हिसाब से पानी देके पैसे ले लेता था इस तरह देखा जाए तो कुछ ही समय मे गाव का सबसे धनिक इंसान बन गया ओर उसने अपनी पीढ़ी के लिए एक अच्छा काम किया, ओर संदीप ने जो कमाया था कुछ ही समय मे बीमारी की वजाह से उसे गवाना पड़ा ... 

क्या समझे आप हमेसा दूर की सोच रखे, छोटे समय मे पैसा अगर आप कमा लेते है लेकिन वो कब तक आप कमा पाओगे वो भी आप जरूर देखे जिससे आपको लंबे समय तक बिज़नस चल सकता है ये या नहीं उसका पता चलेगा, संदीप जेसी गलती न करे हार्दिक जेसी सोच रखे ....     




2) एक बार की बात है दो घड़ी के बीच मे बहस होती है TITAN की घड़ी ROLEX की घड़ी से सवाल करती है के मुझे एक सवाल काफी दिनो से मन मे था आज मे आपसे पूछना चाहती हु ROLEX बोलती है कोई बात नहीं पुछो, 

TITAN बोलती है तुम भी  घड़ी हो ओर मे भी घड़ी हु लेकिन तुम्हारी कीमत मुझसे जादा क्यू है .... 

ROLEX मुस्कुरा के जबाब देती है तुम इंसान को वक्त बताती हो ओर मे इंसान का वक्त बताती हु ....




3) एक बार की बात है समुन्द्र किनारे से एक साधू महात्मा एक बाल्टी मे बहुत से केकड़े लेके जा रहे थे, तभी एक आदमी साधू को बोलता है बाबाजी इस बाल्टी को ढक लीजिये वरना ये आपको डंक मार  देगा तभी साधू महात्मा जवाब देता है नहीं मरेंगे , 

फिर वो आदमी पूछता है क्यू एसा... ?  बाबाजी  कहते है बेटा ये भारत के केकड़े है एक बाहर निकलने की कोसिस करेगा तो दूसरा उसकी टांग खेच के नीचे फेक देगा .... इसलिए कोई बाल्टी से बाहर निकल नहीं पाएगा .... 

 

आसा करती हु की संगीता की प्रेरणादायक कहा आपनीको पसंद आएगी ।




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